मिस. रामप्यारी के ब्लाग पर आपका हार्दिक स्वागत है.

Thursday, March 5, 2009

2 comments:

HEY PRABHU YEH TERA PATH said...

राम प्यारीजी

@सही जवाब मुझे पता चल गया है. आपकी चाकलेट के बदले ये रहा जवाब. अब आपकी चाकलेट का कर्ज उतर गया रामप्यारी के माथे से.

आपने जवाब का क्लु जो दिया आपका धन्यवाद। आप कर्ज उतारने वाली बात कर हमे शर्मिन्दा नही करे। बेचारे भाटिया जी ने तो कई प्रकार कि विदेशी चाकलेट लाकर रखी है आपके लिये।

आपके इस ब्लोग का सम्भवत पहला ग्रहाक मै ही बन बैठा।

अविनाश वाचस्पति said...

ताऊ को हल्‍के फुल्‍के में न लें
तो
क्‍या पनीर वाले
भारी भरकम परांवठे में लें।

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