मिस. रामप्यारी के ब्लाग पर आपका हार्दिक स्वागत है.

Saturday, April 4, 2009

सुत्रधार रामप्यारी की नमस्ते्

हाय ..आंटीयों, अंकलों और दीदीयो..आप सबको रामप्यारी की नमस्ते.




हां तो मैं दस बजे की बजाये आधा घंटा लेट हो गई. क्योंकि आज छुट्टी का दिन है और मैं सो कर भी बहुत लेट ऊठी. मैने सोचा कि क्ल्यु तो दस बजे देना है. सो मैं अपना ब्रेक फ़ास्ट करने बैठ गई.

अब आप ये तो जरुर पूछोगे की ..रामप्यारी तूने ब्रेकफ़ास्ट मे क्या खाया? अब आप इतना पूछने ही लग गये हैं तो बता देती हूं कि थोडा सा चिकन आलाफ़ूस.. दो ब्रेड स्लाईस विद मक्खन.. और ताई ने जबरदस्ती एक गिलास दुध का पकडा दिया. अब आप तो जानते हो कि मुझे दुध की शक्ल भी अच्छी
नही लगती.

मैं इस मौके की फ़िराक मे थी कि ताई इधर उधर हो जाये और मैं इस दूध के गिलास को नाली मे
बिखरा कर खाली करके टेबल पर रख दूं. पर ताई तो लठ लेकर खडी रही वहीं पर..मेरे इरादे भांप कर
ताई बोली - रामप्यारी .. अगर तूने दूध नही पिया ना तो आज तेरी खैर नही है...और मैं मन मार कर दूध पीकर अब आई हूं ये क्ल्यु देने. पता नही इस ताई को भी क्या हो जाता है मेरे पीछे ही पडी रहती है.. रामप्यारी स्कूळ जाओ..रामप्यारी अब नाश्ता कर लो..रामप्यारी अब ..टी. वी. देखना बंद करो और होमवर्क कर लो....

हां तो मैं क्ल्यु देने आई थी और आपने मुझे बातों मे उलझा लिया..और ये लो जी..बिना क्ल्यु ही दो आंटियों ने बिल्कुल सही जवाब दे दिया..यानि कि ये तो कमाल हो गया.....बधाई सही जवाब देने वाली आंटियों को...और अब तो मेरे ब्लाग के साईड बार मे क्ल्यु की फ़ोटो भी लग चुकी हैं तो अब अंकल लोग भी सही जवाब दे ही देंगे...आंटिया तो वैसे भी बहुत तेज दिमाग की होती हैं...

पर ये क्या...रामप्यारी के बोनस सवाल का सही जवाब तो पांच अंकलो ने ही दिया...एक भी आंटी ने सही जवाब नही दिया...मेरी तो खुशी काफ़ूर हो गई..आंटियों प्लिज आप मेरे सवाल का भी सही जवाब दीजिये ना...कहीं अंकल लोग ही बाजी ना मार ले जाये...





और आंटियों अगर आप को सही जवाब नही मालूंम हो तो मुझसे फूछिये मैं आपको जिताने के लिये वो भी बता दूंगी....

और ये क्या? अभी तक एक भी दीदी नही आई..सही या गलत जवाब देने...

अब क्या मैं सारा दिन यहीं बक बक करती रहूं? आप सुलझाते रहिये पहेली....रामप्यारी तो चली खेलने...जयरामजी की.

8 comments:

दीपक "तिवारी साहब" said...

रामप्यारी ये रही तेरी बडी चाकलेट..फ़टाफ़ट बता ये उज्जैन का कलभैरव मंदिर तो नही है?

दीपक "तिवारी साहब" said...

वाह वाह रामप्यारी तू भी क्या कमाल का लिखती है.. भई बधाई हो तेरे को.. कमाल लिखती हो तुम तो..

दीपक "तिवारी साहब" said...

रामप्यारी तेरे को चाकलेट देदी..तेरी कितनी बडाई कर्दी और मैने अकेले ने तेरे को कितनी टिपणीयां दे दी? जरा अब तो बता ये जगह कहां की है? :)

दीपक "तिवारी साहब" said...

और इस लदके का क्या चक्कर है? पागल कर डाला आज तो तूने.:)

राज भाटिय़ा said...

अरी राम प्यारी, तेरा नाम क्या है री ? अच्छा सुन नाम मै क्या रखा है, मै आ रहा हूं, भारत मै तेरे लिये मोटे मॊटे चुहे ले कर , एक चुहा खाये गी तो १० चाकलेट का स्वाद आयेगा, पता है यह चुहे खुब सारी चाक्लेट खा कर मरे है, ओर सुन अगर मै सच्ची मुच्ची चाकलेट ले कर आया तो वो तो जहाज से उतरते ही पिगल जायेगी... बाकी राम प्यारी यह नेनी ताल क मंदिर तो १००% नही, चल कही का भी हो मेने कोन सा जाना है जुत्ते चोरी करने, अरी रम प्यारी चल दोनो मिल कर न्या काम करते है मंदिरो से नये जुते चोरी करने का... साथ मै ताऊ को मिला लेते है, चोरी सफ़ल होने पर तीनो ऎश करेगे. पकडे जाने पर ताऊ को आगे कर देगे... बात पक्की ना .
राम राम जी की

लवली कुमारी / Lovely kumari said...

रामप्यारी तेरे के सवाल का जवाब मुस्किल है .. आलतू -फालतू बातों पर ध्यान न दिया कर :-)

Bhairav said...

रामप्यारी जी आप बहुत उम्दा लिखती है. इसी तरह लिखती रहिये . एक दिन बहुत उपर जायेंगी.

दर्पण साह 'दर्शन' said...

"uncle" aur "aunty"?
accha hint hai....

but ye question itna asan tha ki hint ki awshaykta hi nahi hui....
...wo to :)

Followers