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Saturday, May 2, 2009

रामप्यारी की बात सुनिये

हाय आंटीज, अंकल्ज एंड दीदी लोग..गुड वैरी स्वीट मार्निंग फ़्रोम रामप्यारी…

 

वो क्या हुआ ना कल हमारे पडोस मे रहने वाले अंक्ल को निमोनिया हो गया.  और एक दूसरे अंकल को सांस लेने मे परेशानी होने लग गई थी. दोनो को डाक्टर के पास मैं ही लेकर गई थी क्युंकी उनके घर पर तो कोई भी नही था.  अब सारे दुनिया जहान के सर दर्द तो आखिर रामप्यारी के लिये ही हैं ना.

 

वहां डाक्टर बोला कि ये दोनों एयर कंडिशनर की वजह से बीमार हुये हैं. लो बोलो..ये भी कोई बात हुई?

 

मैने कहा – डाक्टर अंक्ल इलाज आता हो तो करो पर इतनी ऊंची २ भी मत फ़ेंको.

 

अब डाक्टर मेरी मूंह की तरफ़ देखने लगा और बोला – रामप्यारी मैं सही कह रहा हूं.  ये तेरे पहले अंक्ल ने शायद एसी की सर्विस नही करवाई इसलिये टेमपरेचर ज्यादा गिर गया और दुसरे अंक्ल भी उसमे जमा धूल और फ़ंगस इन्फ़ेक्शन का शिकार हैं.

 

मैने पूछा – डाक्टर ओ इससे क्या होता है?

 

डाक्टर बोला – रामप्यारी , एसी की सही सर्विस करवाना चाहिये. और एसी की सफ़ाई नही होने से उसमे धूल जमा हो जाती है और उसमे ही फ़ंगस भी पैदा हो जाती है जो एसी की हवा से निकल कर हमारे नाकों मे जाकर नेजल इलर्जी, साईनोसाईटिस, स्किन फ़ंगस डिसीजौर अस्थमा, मायकोसिस एलर्जी हो सकती है जो कि निमोनिया की तरह ही होती है.

 

मैने कहा – डाक्टर मैं तो अब एसी मे नही रहूंगी, और ताऊ ताई को भी मना कर दूंगी.

 

डाक्टर बोला – नही रामप्यारी, एसी मे रहने मे बुराई नही है पर उसकी साफ़ सफ़ाई का पूरा ध्यान रखना चाहिये. और भी क्या पता कितना कुछ डाक्टर ने लेक्चर दिया. पर मैं तो अब भूल गई..अगर याद आया तो अगली बार बता दुंगी..और अब किस किस चीज की सफ़ाई का ध्यान रखें?  आजकल तो नलों मे बिल्कुल काला पानी आरहा है. अब क्या करे उबाल छान कर पी रहे हैं. बीमार होंगे तो डाक्टर अंकल की फ़ीस और मोटे २ इंजेक्शन खाओ.

 

खैर कोई बात नही. पर हम थोडा साफ़ सफ़ाई का तो ध्यान रख ही सकते हैं ना?

 

हां वो क्या कहते हैं ? अब क्या पता..ताऊ बोलता तो है कभी कभी…प्रिवेंशन इस बेटर देन क्योर..? सही बोली क्या मैं?

 

अच्छा तो इब रामराम. आप क्युं मुझसे बकबक करवाते रहते हैं. अब मैं तो जा रही खेलने आप भी अपना काम किजिये.

7 comments:

हें प्रभु यह तेरापंथ said...

राम प्यारी
अब क्या है ना यह जो तुम ने छः फोटु चिपकाऐ है उसमे तीन तो मेरे ससुराल मद्रास के है ।सो चिन्ता कि कोनोही बात नही।
एक नबर वाली, फोटु वाली कि नाक चिपकि चिपकि सी लगती है समझ गई ना फिर मत कहना अकल ने क्लु नही दिया। चल मै चलता हु , नही तो ताऊ आ जाऐगा। मिट यू टु मारो इन ताऊज दुकान, ओके! एन्ड गुड बॉये

हें प्रभु यह तेरापंथ said...

राम प्यारी दाल मे कुछ काला है. तभी तो ऐसी वैसी बाते ठोक रही है तु।

Udan Tashtari said...

kitna kala pani hai re, Rampyari.

Alpana Verma said...

bahut achcha message diya hai rampyari aap ne aaj...AC-cooler ke itsmaal se pahle safayee jarur karaa leni chaheeye.

दिनेशराय द्विवेदी said...

रामप्यारी, बात तो सही है। पर हम तो सफाई का पहले ही ध्यान रखते हैं ना।

Unknown said...

क्लयू मिल गया! लेकिन हम तो पहले से ही पहेली का जवाब लिख चुके हैं! छ: तस्वीरों के क्लयू भी ढूंढ रहा था, लेकिन कहीं नहीं मिले :(

Anonymous said...

hahaha sahi hai boss


http://latestmoviesandgames.blogspot.com/

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