मिस. रामप्यारी के ब्लाग पर आपका हार्दिक स्वागत है.

Saturday, May 23, 2009

रामप्यारी हाजिर है २ : ३० PM पर

ये लो जी, आज तो रामप्यारी दुबारा हाजिर होगई एक ही दिन मे.  ढाई बजे नही कि रामप्यारी आगई.

अब रामप्यारी आई है तो कुछ तो बोलना ही पडेगा ना?

 

अब क्या हुआ कि हम उस पहेली वाली जगह गये थे तो वहां एक नदी भी है और वहं पर यह नीचे वाला बोर्ड लगा हुआ है.  अब इस पर पता नही कौन कौन सी भाषा लिखी हुई है..मैं तो समझती नही. सो मैं तो नदी मे उतरने लग गई. 

 

 

 

Paheli23- clue3-last- (1)

 

और बस मैं उतरी भी नही थी कि ताऊ जोर से चिल्लाया….रामप्यारी की बच्ची…डूब कर मरना है क्या?चल बाहर निकल…और मैं तो बाहर आगई.  और सच्ची उस बोर्ड पर मना किया गया था नदी मे उतरने के लिये.

 

फ़िर हम वहां से वापसी मे कार से निकले. रास्ते मे खूब सारे काफ़ी के बगीचे थे. और एक जगह हमने डाल्फ़िन की नाक भी देखी.

 

अब आप कहोगे…रामप्यारी ये क्या गप्पें हांकने लग गई?  तो हां मैं थोडी बहुत गप्प तो हांकती हूं..क्योंकि आज के जमाने मे गप्प हांके बिना काम नही चलता.

 

अब आप कहोगे कि रामप्यारी ये डाल्फ़िन की नाक तूने कहां से देख ली?

 

अरे..आप भी ना…समझते नही हो..कोई सच्ची मुच्ची की डाल्फ़िन थोडी ही थी वो?  अरे चट्टान थी वो जिसे डाल्फ़िन की नाक कहते हैं  और रास्ते मे ही पडती है.  और भी बहुत सी जगह देखी.

 

अब मैं तो खाना खाकर सोऊंगी…गर्मी  बहुत ज्यादा है….अब रामप्यारी कल रिजल्ट लेके हाजिर होगी आपकी सेवा मे. तब तक रामराम.

6 comments:

मीत said...

रामप्यारी की बच्ची तू आज बार बार क्लू ले लेकर आ रही है लगता है ताऊ से तेरी शिकायत करनी पड़ेगी...
लगता है तुने किसी से रिश्वत ले ली क्या दूध मलाई की...
मीत

संजय तिवारी ’संजू’ said...

रामप्यारी तू सच बोलना कब शुरू करेगी

दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi said...

अपन के किस काम का यह क्लू? अपन तो जवाब दे चुके। वैसे बहुत बहुत धन्यवाद।

HEY PRABHU YEH TERA PATH said...

श्री श्री श्री 1008, देवीयो कि देवी महादेवी रामप्यारीजी कि जय हो। आप सर्वविज्ञ है सर्वज्ञाता है, आप सब जानती है। अपने भक्तो कि भलाई के लिऐ दिन मे दो दो बार प्रकट हो जाती है। आप अपने भक्तो के लिऐ दयालू है मॉ। यूपी मे मायादेवी, युपीऐ मे सोनियादेवी, रामपुरिया का हरयाणवी ताऊनामा ! मे महादेवी रामप्यारीजी का शासन चलता है। आप कितनी दयालु है अपने भक्तो के प्रति शास्त्रीअन्ना व ताऊजी को नेक सलाह भी दे डाली कि -"बुढ्ढे अंकलों और आंटियों बुढापे मे हडडीयो का ख्याल रखे।
आप माफ़ करना…अगर इस उम्र में हड्डी चटक गई तो फ़िर जुडने वाली नही है. फ़िर कहते फ़िरोगे कि ये महादेवी रामप्यारीजी ने हमारा ध्यान नही रखा।" मैया मेरी भी नैया इस बार पार लगा दो ना! अगर कल मै जित गया तो आपको सवा रुपऐ कि चॉकलेट एवम अठान्नी कि गुलफी प्रसाद के रुप मे भेट चढाउगा।
श्रीश्रीश्री1008,देवीयो कि देवी महादेवी रामप्यारीजी ki
जय हो।
जय हो।
जय हो।

Udan Tashtari said...

बेटा, क्लू दे रही है कि चॉकलेट के चक्कर में जबाब ही बताये दे रही है?? :)

Babli said...

मुझे आपका ब्लॉग बहुत अच्छा लगा! बहुत बढ़िया लिखा है आपने!
मेरे सारे ब्लोगों पर आपका स्वागत है!

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